खाद बीज लेने पहुंची महिला तो पता चला किसी ने उसकी भूमि पर लोन ले रखा - madhyabhumi

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Thursday, August 9, 2018

खाद बीज लेने पहुंची महिला तो पता चला किसी ने उसकी भूमि पर लोन ले रखा

जबलपुर। पनागर निवासी ममता बाई को पिता की संपत्ति से पौने दो एकड़ भूमि मिली थी। इस भूमि पर ममता खेती किसानी करती आई है। लेकिन जब खाद बीज लेने वह सहकारी सोसायटी पहुंची तो उसके कर्जदार नहीं होने की पुष्टी करने एनओसी मांगी गई। एनओसी प्राप्त करने के दौरान ही पता चला कि किसी ने उसकी भूमि को इलाहाबाद बैंक में रखकर 4 लाख 23 हजार का लोन ले लिया। जबकि महिला का कहना है कि वो आज तक बैंक में कभी नहीं गई। इस तरह की जालसाजी का शिकार जिले में कई लोग हो चुके हैं। पुलिस ने भी एक मामले में बड़ा खुलासा किया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंची पीड़ित ने अपर कलेक्टर बीपी द्विवेदी को अपनी शिकायत सौंपी है।
इस तरह मिली धोखाधड़ी की जानकारी -
- ग्राम निभोरा, तहसील पनागर निवासी ममता बाई ने बताया कि उसके पिता प्रभुदयाल केवट ने अपनी संपत्ति से भूमि का कुछ हिस्सा दिया था। इस भूमि के सरकारी रिकार्ड में भी उसका नाम दर्ज है। खसरा नंबर 1147/2 के कॉलम नंबर 12 में ममता के नाम प्रापर्टी है। जब खाद बीज के लिए एनओसी लेने वह तहसीलदार पनागर के दफ्तर पहुंची तो उसे इलाहाबाद बैंक कुसनेर शाखा भेज दिया गया। वहां पता चला कि उसके खसरा पर 4 लाख 23 हजार का लोन जारी हुआ है। अब बैंक वाले कर्जजार नहीं होने की एनओसी भी नहीं दे रहे। क्योंकि पीड़ित के नाम पहले से लोन है। खाद बीज लेना तो दूर अब महिला सरकारी दफ्तर और बैंक के चक्कर काट रही है।
कैसे जारी हो सकता लोन -
- किसी दूसरे के नाम की प्रापर्टी पर कोई दूसरा व्यक्ति कैसे लोन ले सकता है। यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। क्योंकि ममता बाई कभी बैंक गई नहीं और उनके कागजों के आधार पर ही लोन जारी कर दिया गया। जबकि नेशनल बैंकों का नियम कहता है कि उस व्यक्ति का बैंक आना अनिवार्य है। जिसे लोन दिया जा रहा है। वेरिफिकेशन किसने किया और लोन पास कैसे हुआ। इसके लिए बैंक मैनेजर के खिलाफ भी जांच होगी। अपर कलेक्टर ने इस मामले को जांच में ले लिया है।

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